BAAT KIJIYE SAATH DIJIYE

Unreasonable expectations from our children only result in creating a divide in the relationship and generates emotional distress.

Keeping an open dialogue is essential in understanding their viewpoint . Don’t shut them out. Talk to them.

#BaatKijiyeSaathDijiye

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अपने बच्चों से अनुचित, अत्याधिक और अनावश्यक अपेक्षाएं अक्सर माँ-बाप और बच्चों के रिश्तों में दूरियां पैदा कर देतीं हैं, जो सभी के लिए दुखद और कष्टदायी होता है। 

यह ज़रूरी है की परिवार में सभी अपनी बात खुल कर, बिना किसी डर और झिझक के रख सकें। तभी एक दूसरे की भावनाओं, दृष्टिकोण, और विचारों को समझ पाएंगे और उनका सम्मान कर सकेंगे।

#बातकीजियेसाथदीजिये 

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